Lucknow: आज ईद-उल-अजहा का पावन पर्व मनाया जा रहा है। देशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में श्रद्धा और भक्ति के साथ नमाज अदा की जा रही है। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग हज़रत इब्राहीम अलै. की उस महान कुर्बानी को याद करते हुए अल्लाह की बारगाह में सजदा कर रहे हैं, जो उन्होंने अपने रब के आदेश पर पेश की थी।

त्योहार के मद्देनज़र सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है और पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात है। कुर्बानी का सिलसिला शनिवार से सोमवार तक चलेगा, जिसमें मुस्लिम समाज अल्लाह से अपनी मोहब्बत और भक्ति का इज़हार करते हुए कुर्बानी अर्पित करेगा। ईद की नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी का कार्य शुरू किया जाता है।

लखनऊ में सबसे बड़ी नमाज ऐशबाग ईदगाह में की गई, जहां सुबह 10 बजे मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाज अदा की। शिया समुदाय की सबसे बड़ी जमात आसिफी मस्जिद में सुबह 11 बजे मौलाना सरताज हैदर की इमामत में नमाज पढ़ी जाएगी। टीले वाली मस्जिद में मौलाना फजलुल मन्नान रहमानी द्वारा सुबह 9 बजे नमाज अदा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों में भी सुबह से ही नमाज अदा करने का सिलसिला जारी है।

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि ईद-उल-अजहा पैगंबर हज़रत इब्राहीम अलै. और उनके बेटे हज़रत इस्माईल अलै. की याद में मनाया जाता है। वहीं मस्जिद सुव्हानिया के इमाम कारी मोहम्मद सिद्दीक का कहना है कि कुर्बानी करने से बड़ा सवाब मिलता है और हैसियत होने के बावजूद कुर्बानी न करने पर नाराजगी जताई गई है। उन्होंने हज़रत मोहम्मद साहब का हवाला देते हुए कहा कि “जो लोग कुर्बानी की सामर्थ्य रखते हैं लेकिन फिर भी नहीं करते, वे हमारी ईदगाह में न आएं।”

शहर में सुरक्षा को लेकर सख्त व्यवस्था की गई है। पूरे शहर को 5 जोनों और 18 सेक्टरों में बांटा गया है। 94 ईदगाहों और 1200 से अधिक मस्जिदों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। पुराने लखनऊ में कानून-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार और डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने शुक्रवार को रूट मार्च किया। वहीं, मध्य क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया गया।

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