Kedarnath Helicopter Crash: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड के पास स्थित गौरी माई खर्क में रविवार सुबह एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया, जिसमें पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद आर्यन हेली एविएशन कंपनी के दो शीर्ष अधिकारियों – बेस मैनेजर विकास तोमर और एकाउंटेबल मैनेजर कौशिक पाठक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

स्लॉट से पहले उड़ान, SOP का उल्लंघन
राजस्व उप निरीक्षक द्वारा सोनप्रयाग थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, हेलिकॉप्टर को 6 बजे से 7 बजे के बीच उड़ान भरने का स्लॉट मिला था, लेकिन कंपनी ने निर्धारित समय से पहले – सुबह 5:11 बजे ही उड़ान भर दी। कुछ ही मिनटों बाद, 5:24 बजे हेलिकॉप्टर कोहरा और दृश्यता की कमी के कारण पेड़ से टकराकर क्रैश हो गया।

गंभीर लापरवाही, नियमों की अनदेखी
FIR में आरोप लगाया गया है कि डीजीसीए और यूकाडा की गाइडलाइन की अनदेखी की गई। जांच में सामने आया है कि निर्धारित SOP का पालन नहीं किया गया, जो हादसे का बड़ा कारण है।

चश्मदीदों ने सुनाई भयावह कहानी
घटना की प्रत्यक्षदर्शी नेपाली मूल की महिलाएं शर्मिला और संजू ने बताया कि घना कोहरा अचानक छा गया, और हेलिकॉप्टर थोड़ी देर उड़ान भरने के बाद एक पेड़ से टकराकर आग की लपटों में तब्दील हो गया। वे घटनास्थल से मात्र 20 मीटर की दूरी पर थीं। इस दुर्घटना में पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल (सेनि.) राजवीर सिंह चौहान सहित 23 माह की मासूम काशी और उसके माता-पिता समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई।

कंपनी पर कार्रवाई, सेवा निलंबित
DGCA ने आर्यन हेली एविएशन की चारधाम यात्रा के लिए सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। इसके साथ ही, खराब मौसम में उड़ान भरने के आरोप में एक अन्य कंपनी के दो पायलटों के लाइसेंस भी 6 माह के लिए निलंबित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सख्त SOP लागू करने और अनुभवहीन पायलटों को हेली सेवाओं से दूर रखने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

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