Lucknow: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पीडीए (पीड़ित, दलित, वंचित और गरीब) कोई राजनीतिक गठबंधन नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संबंध है। उन्होंने कहा कि जो भी समाज के हाशिए पर है, वह इस गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की कि अब पसमांदा समाज भी पीडीए में सम्मिलित हो गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘पी’ का एक अर्थ पसमांदा भी होता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पंचायत चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सपा के वोट बैंक को कमजोर करने की लगातार कोशिश कर रही है, लेकिन जनता अब समझ चुकी है। जातिगत जनगणना पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार अब तक कोई ठोस काम नहीं करवा सकी है, ऐसे में उनसे जाति आधारित जनगणना की उम्मीद करना व्यर्थ है।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर गंभीर सवाल:-
अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में नीट परीक्षा के परिणाम आए हैं, लेकिन अगर कॉलेजों में प्रशिक्षित स्टाफ नहीं होगा तो अच्छे डॉक्टर कैसे तैयार होंगे? उन्होंने सुल्तानपुर की घटना का उदाहरण दिया, जहां एक मरीज के स्वस्थ हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया गया, यह दर्शाता है कि प्रदेश में चिकित्सा लापरवाही चरम पर है।

शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार बजट में बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि प्राथमिक सरकारी स्कूलों की हालत दयनीय हो चुकी है। गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश की जा रही है। माध्यमिक शिक्षा का भी यही हाल है।

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