लखनऊ: राजधानी लखनऊ के बाबू बिहारी मार्ग स्थित एस.के. आर्चिड अपार्टमेंट में आम जनता पार्टी सोशलिस्ट के उत्तर प्रदेश प्रादेशिक कार्यालय का उद्घाटन बड़े ही उत्साह के साथ किया गया। विधिवत पूजा-पाठ के साथ कार्यालय का उद्घाटन पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे तन-मन से पार्टी के संगठन को मजबूत करने में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि आम जनता पार्टी सोशलिस्ट आम लोगों की आवाज़ है, और इसे grassroots स्तर तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। मुख्य अतिथि मुकेश सिंह चौहान ने कहा, “पार्टी के कार्यकर्ता ही उसकी रीढ़ होते हैं। पंचायती चुनाव से लेकर 2027 के विधानसभा चुनाव तक हमें एकजुट होकर मेहनत करनी है ताकि पार्टी के प्रतिनिधि सदन तक पहुंचें और गरीबों, पिछड़ों व वंचितों की आवाज़ बुलंद कर सकें।”
मुकेश सिंह चौहान ने खास तौर पर चौहान समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि समाज के लोगों की लगातार हो रही हत्याएं इस सरकार की विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि अब चौहान समाज चुप नहीं बैठेगा और 2027 में भाजपा को करारा जवाब देगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव एडवोकेट ओंकार चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है। उन्होंने शिक्षा सामग्री पर जीएसटी लगाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि इससे गरीब तबका सरकारी नौकरियों से दूर होता जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि वे पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर संगठन को मजबूत बनाएंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, बनारस, मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मऊ समेत अन्य राज्यों बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मुंबई से भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश प्रमुख महासचिव अखिलेश चौहान ने किया।
इस आयोजन ने स्पष्ट संकेत दिया कि आम जनता पार्टी सोशलिस्ट आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में पूरी तैयारी और ताकत के साथ उतरने जा रही है, खासतौर पर चौहान समाज को केंद्र में रखते हुए एक सशक्त सामाजिक-राजनीतिक विकल्प पेश करने का इरादा रखती है।
