Israel-Iran War: अमेरिका द्वारा ईरान के फोर्डो स्थित परमाणु संयंत्र पर एक जबरदस्त हवाई हमला किया गया, जिससे वहां व्यापक क्षति की खबरें सामने आ रही हैं। ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरें यह संकेत देती हैं कि यह हमला अत्यंत प्रभावी रहा और स्थल को गंभीर नुकसान पहुंचा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह केंद्र पूरी तरह नष्ट हो सकता है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

फोर्डो का यह संयंत्र पहाड़ी क्षेत्र में गहराई में स्थित है, जहां यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया की जाती थी। अमेरिकी वायुसेना ने यहां ‘मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर’ (MOP) नामक विशेष बमों का उपयोग किया, जो भूमिगत बंकरों को नष्ट करने के लिए बनाए जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र के पूर्व परमाणु निरीक्षक डेविड एल्ब्राइट के अनुसार, “इन बमों से हुआ हमला इतना शक्तिशाली था कि संभवतः यह सुविधा अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।” अमेरिका ने भी इस अभियान को सफल बताया है और कहा है कि उसके सभी विमान सुरक्षित लौट आए।

सैटेलाइट तस्वीरों से क्या पता चलता है?
हमले के बाद सामने आई ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में पहाड़ी क्षेत्र में छह बड़े गड्ढे दिखाई दिए हैं, जो गहराई तक प्रभाव करने वाले बमों से बने प्रतीत होते हैं। आसपास का क्षेत्र धूल और मलबे से भरा नजर आ रहा है, जिससे हमले की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अमेरिका और इज़राइल की मंशा
अमेरिका और इज़राइल लंबे समय से यह चाहते हैं कि ईरान पूरी तरह से परमाणु हथियार निर्माण की प्रक्रिया को बंद करे। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सभी मशीनें और सामग्री नष्ट नहीं हुईं, तो ईरान फिर से इस दिशा में काम शुरू कर सकता है।

विशेषज्ञों का दावा – यूरेनियम पहले ही हटा लिया गया था
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि हमले से पहले ईरान ने अपने पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया होगा। इससे पहले की एक सैटेलाइट तस्वीर में देखा गया था कि हमले से दो दिन पूर्व वहां 18 ट्रक कतार में खड़े थे, जिससे संकेत मिलता है कि संवेदनशील सामग्री को पहले ही हटा लिया गया था।

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