Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दांदरपुर गांव में कथावाचक के साथ हुई मारपीट और चोटी काटे जाने की घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। यह मामला सामने आने के बाद यादव समुदाय से जुड़े कई संगठनों ने गांव में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद अहीर रेजीमेंट और गगन यादव के समर्थकों ने गांव में घुसने की कोशिश की और हंगामा किया।
इटावा कथावाचक विवाद में मुकुट मणि यादव और संत सिंह यादव पर फर्जी आधार कार्ड और छेड़खानी के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है । जिसके बाद यादव संगठनों ने सड़क जाम और जमकर बवाल किया. @Uppolice @etawahpolice #MasterChefGR #Trump #chilhavisto #fishtanklive #HEESEUNG pic.twitter.com/cqZreScUL4
— GK News Live युवा जोश, नई सोंच शहर से गांव तक (@GkNewsLive1) June 26, 2025
पुलिस ने जब भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। साथ ही, पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपशब्द कहे गए और राजनीतिक नारेबाजी की गई। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कई उपद्रवियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है, और कुछ लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर भाग गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। वर्तमान में गांव के चारों ओर सुरक्षा बल तैनात हैं और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्रीशचंद्र ने जानकारी दी है कि कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस पर जानलेवा हमला करने की पुष्टि हुई है।

क्या है कथावाचक प्रकरण?
21 जून 2025 को इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दांदरपुर गांव में कथा सुनाने आए कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगी संत सिंह यादव के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। आरोप था कि कथावाचक ने अपनी जाति छुपाकर धार्मिक कथा का आयोजन किया। इस बात से आक्रोशित ग्रामीणों ने कथावाचक के बाल भी काट दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
मामले में नया मोड़ – छेड़खानी का आरोप
इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब कथा आयोजक परिवार और ब्राह्मण महासभा ने कथावाचकों पर आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप लगाया। आयोजक की पत्नी और उनके पति ने दावा किया कि कथा के दौरान भोजन करते समय कथावाचक मुकुट मणि ने महिला के साथ अनुचित व्यवहार किया था। इसको लेकर अब कथावाचकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
