UP: राज्य कर विभाग में फर्जीवाड़े के एक गंभीर मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने एक फर्जी कंपनी के साथ मिलीभगत कर लगभग 10.76 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करवाया।

रायबरेली में इसी साल जनवरी में ‘राजधानी इंटरप्राइजेज’ नाम की एक कंपनी का पंजीकरण हुआ था। लेकिन जब 15 फरवरी को विभाग की टीम ने मौके पर जांच की, तो वहां कोई भी गतिविधि नहीं पाई गई। शक होने पर 24 फरवरी को इस कंपनी का जीएसटी पंजीकरण निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद फर्जीवाड़ा चलता रहा। कंपनी ने बिना किसी वास्तविक व्यापारिक लेनदेन के दिल्ली स्थित ‘शिव इंटरप्राइजेज’ को 57.35 करोड़ की फर्जी आपूर्ति दर्शाई और 10.76 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट ट्रांसफर करा लिया।

पंचायत चुनाव में अलग राह पर कांग्रेस और सपा, कांग्रेस अकेले उतरने को तैयार

जांच में यह भी पता चला कि कंपनी ने रजिस्ट्रेशन के समय जाली बिजली बिल का इस्तेमाल किया था। इसके बाद असिस्टेंट कमिश्नर रितेश बरनवाल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई थी। लेकिन जब मामले की गहराई से जांच की गई तो खुलासा हुआ कि डिप्टी कमिश्नर मनीष कुमार और असिस्टेंट कमिश्नर रितेश बरनवाल की इस फर्म से साठगांठ थी। इस आधार पर दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की आगे की जांच अपर आयुक्त सैमुअल पाल एन को सौंपी गई है।

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *