UP NEWS: सावन माह के शुरू होते ही उत्तर भारत में कांवड़ यात्रा का माहौल गर्मा गया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में इस वर्ष कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है। अनुमान है कि लाखों की संख्या में शिवभक्त इस बार कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेंगे। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचने के लिए प्रशासन ने व्यापक योजना बनाई है।
🔹 3500 पुलिसकर्मी तैनात
गाजियाबाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनज़र कुल 3500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। इसमें महिला पुलिस, पीएसी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), बम डिस्पोजल स्क्वॉड और खुफिया विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
🔹 1500 CCTV कैमरों से होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा मार्गों, शिव मंदिरों, भीड़भाड़ वाले चौराहों और बाजार क्षेत्रों में कुल 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम के माध्यम से 24×7 निगरानी की जाएगी। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
🔹 ड्रोन से हवाई निगरानी
इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। ड्रोन की मदद से यात्रा मार्गों और भीड़ वाले इलाकों पर ऊपर से नजर रखी जाएगी, जिससे भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया में सहायता मिलेगी।
🔹 ट्रैफिक प्लान और रूट डायवर्जन
कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की सूची जारी कर दी है, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष लेन बनाई जा रही है।
🔹 मेडिकल और फायर ब्रिगेड अलर्ट पर
कांवड़ यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात रहेंगी। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की भी व्यवस्था की है।
प्रशासन की अपील
गाजियाबाद पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या हेल्पलाइन नंबर पर देने को कहा गया है।
