लखनऊ: लखनऊ की बहुचर्चित जेपीएनआईसी (JPNIC) परियोजना अब पूरी तरह से लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के हवाले कर दी गई है। इस फैसले के साथ ही जेपीएनआईसी सोसाइटी को भंग कर दिया गया है। अब एलडीए को इस परियोजना से जुड़े ₹821.74 करोड़ के कर्ज का भुगतान अगले 30 वर्षों में किस्तों के रूप में करना होगा।

🔹 क्या है जेपीएनआईसी परियोजना?

जेपीएनआईसी, यानी जनेश्वर मिश्र पार्क नेबरहुड इंटीग्रेटेड सेंटर, लखनऊ की एक बड़ी शहरी विकास परियोजना है। इसमें स्मार्ट हाउसिंग, शहरी सुविधाएं, व्यवसायिक परिसर, सामुदायिक केंद्र और हरित क्षेत्र जैसी योजनाएं शामिल थीं। यह योजना मूल रूप से जेपीएनआईसी सोसाइटी द्वारा संचालित की जा रही थी।

🔹 सोसाइटी भंग, एलडीए को मिली जिम्मेदारी

सरकार ने अब इस परियोजना की पूरी जिम्मेदारी एलडीए को सौंप दी है। एलडीए अब इस परियोजना के अंतर्गत निर्माण, रखरखाव और विकास से जुड़े सभी कार्यों का संचालन करेगा। सोसाइटी के विघटन के साथ ही संपत्तियों, वित्तीय दायित्वों और कर्मचारियों का हस्तांतरण भी एलडीए को किया गया है।

🔹 821.74 करोड़ का कर्ज, 30 साल की किश्तों में चुकाना होगा

LDA को अब ₹821.74 करोड़ का कर्ज धीरे-धीरे 30 सालों की अवधि में चुकाना होगा। इस कर्ज की अदायगी ब्याज समेत तय शर्तों के अनुसार होगी। माना जा रहा है कि इस वित्तीय भार के चलते एलडीए को अपने अन्य प्रोजेक्ट्स की योजना में भी रणनीतिक बदलाव करने पड़ सकते हैं।

🔹 राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल

इस परियोजना को लेकर लम्बे समय से प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब जबकि इसे एलडीए को सौंप दिया गया है, कई जानकार इसे एक साहसिक लेकिन बोझिल कदम मान रहे हैं। वहीं कुछ शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि एलडीए की पारदर्शिता और जवाबदेही के चलते परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।

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