लखनऊ: अवैध धर्मांतरण और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोपों में घिरे छांगुर बाबा पर सरकार का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पहले बुलडोजर कार्रवाई और अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी छांगुर बाबा के खिलाफ जांच तेज कर दी है।
ED की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) के मामलों में छांगुर बाबा के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, उनके ट्रस्ट और उससे जुड़ी संस्थाओं के बैंक अकाउंट्स और संपत्तियों की जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है, जिसके स्रोत संदिग्ध बताए जा रहे हैं।
बुलडोजर चला चुकी है सरकार
हाल ही में बाबा के आश्रम पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया था। अवैध कब्जे के आरोप में यह कार्रवाई की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि “राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने छांगुर बाबा को “राष्ट्र विरोधी” बताते हुए कहा कि जो लोग भोले-भाले लोगों की आस्था का गलत फायदा उठाकर धर्मांतरण को बढ़ावा देते हैं, उन्हें कानून का सख्त जवाब मिलेगा। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी गतिविधियों को उत्तर प्रदेश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छांगुर बाबा पर धर्मांतरण, अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा, और फंडिंग में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप हैं। उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और समाज में विद्वेष फैलाने का भी मामला दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसियां एक्टिव मोड में
सूत्रों की मानें तो NIA और ATS भी छांगुर बाबा के नेटवर्क और विदेशी फंडिंग के एंगल से जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में बाबा के और राज उजागर हो सकते हैं।
