गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में इन दिनों एक ही नाम चर्चा में है – छांगुर बाबा। कभी खुद को चमत्कारी बताने वाले इस बाबा के काले कारनामों का पर्दाफाश होने के बाद अब प्रशासन का बुलडोजर उसकी कोठी और अवैध साम्राज्य को ढहाने में जुटा है।
कोठी नहीं किला था बाबा का आशियाना
छांगुर बाबा की कोठी कोई आम भवन नहीं थी। यह एक विशाल किले जैसा स्ट्रक्चर था, जिसमें:
-
6 फीट मोटे RCC कॉलम,
-
हाई क्वालिटी की छतें,
-
लोहे के बीम,
-
और भूमिगत कक्ष (बेसमेंट) मौजूद थे।
बुलडोजर की तीन दिन की लगातार कोशिशों के बाद भी मुख्य ढांचा पूरी तरह नहीं गिर पाया है। इसे गिराने के लिए हैवी ड्यूटी मशीनों को बुलाया गया है।
अवैध धर्मांतरण और जमीन पर कब्जे का संगीन मामला
छांगुर बाबा पर धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर धर्मांतरण कराने, और सरकारी जमीन पर कब्जा करके अवैध निर्माण करने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस और प्रशासन की जांच में सामने आया कि:
-
बाबा गरीब और कमजोर तबकों को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन करा रहा था।
-
उसने 5 बीघा से अधिक सरकारी भूमि पर आश्रम, सत्संग भवन और कोठी का निर्माण कराया था।
-
आश्रम से विदेशी चंदा, संदिग्ध दस्तावेज, और बड़ी मात्रा में नकदी भी जब्त की गई है।
तोड़ने में क्यों लग रही है मशक्कत?
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इतनी मजबूत कोठी को गिराने में उन्हें काफी तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बुलडोजर की चेन फंस गई, तो कभी दीवारें गिराने में मशीनें कमजोर पड़ गईं। यह सब इस बात का संकेत है कि छांगुर बाबा का साम्राज्य कई साल की प्लानिंग और मोटी रकम से तैयार किया गया था।
प्रशासन सख्त, बाबा के खिलाफ कार्रवाई तेज़
सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि छांगुर बाबा जैसे राष्ट्रविरोधी तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन भी उसी दिशा में लगातार कार्रवाई कर रहा है। ED और ATS जैसी जांच एजेंसियां अब बाबा की फंडिंग, नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।
