लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य में लगने वाले प्रमुख धार्मिक मेलों और पर्वों में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं का यात्रा, भोजन, आवास और चिकित्सा खर्च अब सरकार खुद उठाएगी। इस संबंध में विस्तृत SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) भी जारी कर दी गई है।
क्या है SOP में?
योजना के तहत अब ऐसे श्रद्धालु, जो विशेष धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए आते हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से ये सुविधाएं मिलेंगी:
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फ्री यात्रा और ठहरने की सुविधा
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सरकारी कैंपों में भोजन और प्राथमिक उपचार
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वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को प्राथमिकता
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ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से रजिस्ट्रेशन
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हर जिले में नोडल अधिकारी और हेल्प डेस्क की नियुक्ति
किन धार्मिक आयोजनों में मिलेगा लाभ?
सरकार की योजना पहले चरण में इन आयोजनों पर लागू होगी:
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माघ मेला (प्रयागराज)
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कांवड़ यात्रा (हरिद्वार और पश्चिमी यूपी)
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श्रवण झूला मेला (अयोध्या)
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देव दीपावली (वाराणसी)
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कुंभ और अन्य प्रमुख धार्मिक पर्व
बाद में क्षेत्रीय और स्थानीय धार्मिक आयोजनों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।
योगी सरकार का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा: “आस्था का सम्मान और सेवा ही हमारा संकल्प है। कोई भी श्रद्धालु अब अभाव में आस्था न छोड़े, इसलिए ये योजना शुरू की जा रही है।”
कितने लोगों को होगा लाभ?
सरकारी अनुमान के अनुसार, इस योजना से सालाना 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए अलग से विशेष बजट और व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।
