कौशांबी: जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया था. यहां 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने गंभीर रूप से बीमार युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाने के बजाय झाड़ियों में फेंक दिया था और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया. बाद में पुलिस ने उस युवक को इलाज के लिए प्रयागराज मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था. वहां उसकी मौत हो गई. इस मामले में रविवार को पुलिस ने दोनों एम्बुलेंस कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया.
31 जुलाई 2025 को घायल मिला था युवक:
मामला सन्दीपनघाट थाना क्षेत्र के हर्रायपुर चौकी के पास का है. 31 जुलाई की सुबह हर्रायपुर चौकी के पास झाड़ियों में गंभीर रूप से घायल युवक पड़ा मिला. राहगीरों ने युवक को बेसुध हालत में देखा, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया. सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से रडार पर आये कर्मचारी: डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए प्रयागराज एसआरएन रेफर कर दिया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. अज्ञात युवक की मौत के बाद पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया.
सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को पता चला कि 108 एम्बुलेंस की गाड़ी नंबर UP32 EG 4897 में कोखराज थाना क्षेत्र के बिसरा गांव निवासी नरेश कुमार सरोज एम्बुलेंस चालक और सराय अकिल थाना क्षेत्र के चंदूपुर निवासी आशीष ईएमटी के पद पर तैनात है. पुलिस ने एम्बुलेंस कर्मचारियों की तलाश शुरू की: यही एम्बुलेंस युवक को झाड़ियां में फेंक कर फरार हुई थी. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देनी शुरू की. रविवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को सैयद सरावा रोड से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 31 जुलाई को प्रयागराज के मुंडेरा मंडी के पास एक अज्ञात व्यक्ति के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना कॉल 108 में प्राप्त हुई थी.
इवेंट आईडी मिलने के बाद पहुंची थी एंबुलेंस:
इवेंट आईडी मिलने के बाद 108 एंबुलेंस सेवा मुंडेरा मंडी पहुंची. दोंनो कर्मचारी घायल युवक को लेकर भगवतपुर सीएचसी लेकर पंहुचे. वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था. इसके बाद वह युवक को लेकर मेडिकल कॉलेज जाते, लेकिन उन्हें आशंका थी कि युवक के साथ कोई भी अन्य व्यक्ति न होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती नहीं किया जाएगा. इस कारण उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां से पल्ला झाड़ते हुए उसे झाड़ियां में फेंक दिया और फरार हो गए.
दोनों एम्बुलेंस कर्मचारियों की लापरवाही आयी सामने:
दोनों एम्बुलेंस कर्मचारियों ने अपने लोक सेवक के पदीय दायित्व का निर्वहन नहीं किया. यदि वह अपने कर्तव्यों का पालन करते, तो युवक की जान शायद बचाई जा सकती थी. उत्तर प्रदेश सरकार ने भले ही 108 एम्बुलेंस सेवा इसलिए शुरू की थी कि लोगों को एक काल पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सके, लेकिन कौशांबी में इसी एम्बुलेंस के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई.
