FLOOD RAIN IN UP: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से पूर्वांचल और अवध क्षेत्र बुरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। बनारस और प्रयागराज में 402 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं, जबकि राजधानी लखनऊ में पिछले 50 घंटे से लगातार बारिश हो रही है, जिससे शहर की सड़कें और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए हैं।
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, 17 जिलों के 37 तहसील क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। इनमें वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया, मिर्जापुर, कानपुर और बांदा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन जिलों में गंगा और यमुना नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
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वाराणसी में दशाश्वमेध, मणिकर्णिका और अन्य घाट पानी में डूबे हैं।
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प्रयागराज में संगम क्षेत्र सहित कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच चुका है।
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बलिया में एनएच-31 पर दरारें आने की खबर है।
लखनऊ में हालात चिंताजनक
राजधानी लखनऊ में लगातार 50 घंटे से हो रही बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम, और कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। गोमती नगर, इंदिरा नगर, आलमबाग, चौक, अलीगंज और हजरतगंज जैसे क्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया है।
राहत और बचाव कार्य तेज
राज्य सरकार ने NDRF, SDRF और PAC की टीमें राहत कार्यों में लगाई हैं। अब तक…
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84,000 से अधिक लोग प्रभावित क्षेत्रों से निकाले गए हैं।
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2,700 से अधिक पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
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60+ राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां लोगों को भोजन, दवाएं और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों को प्रभावित जिलों में तैनात किया है और हालात पर निगरानी के लिए “टीम-11” का गठन किया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, प्रयागराज और बनारस में हालात और बिगड़ सकते हैं।
