Weather: उत्तर प्रदेश के तराई और पूर्वांचल क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार वर्षा रिकॉर्ड की गई। रायबरेली में सबसे अधिक 202 मिमी, बदायूं में 190 मिमी, अयोध्या में 151 मिमी, बाराबंकी में 140 मिमी और संभल में 122 मिमी बारिश दर्ज की गई, मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 25 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 44 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बदायूं, संभल, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, कासगंज, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, फर्रुखाबाद और आसपास के क्षेत्र में देखने को मिलेगा जिसके चलते यहाँ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीँ गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखनऊ, कानपुर नगर व देहात, उन्नाव, गौतम बुद्ध नगर, कन्नौज, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, मैनपुरी आदि में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी है।
राजधानी लखनऊ में टूटा छह साल का रिकॉर्ड
राजधानी में सोमवार को हुई 91 मिमी बारिश ने पिछले छह सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले अगस्त 2018 में एक दिन में 114.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। तेज बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में
गंगा और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। वाराणसी में गंगा ने खतरे का निशान पार कर लिया है और मणिकर्णिका घाट सहित कई घाट जलमग्न हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें मुस्तैद हैं।
अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का असर
- पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में 10 अगस्त तक मूसलाधार बारिश की संभावना है।
- आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
- राजस्थान के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में अगले दो-तीन दिन तक तेज बारिश का अनुमान है। भरतपुर के बयाना में सोमवार को 51 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
