Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी न तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन का हिस्सा है और न ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक से जुड़ी हुई है।
5 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक संदेश में मायावती ने कहा कि बसपा किसी भी राजनीतिक गठजोड़ में शामिल नहीं है। उन्होंने लिखा कि बसपा अपने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांतों पर चलने वाली एक स्वतंत्र पार्टी है, जो डॉ. अंबेडकर के विचारों पर आधारित है और जातिवादी राजनीति से अलग रहती है।

उनका यह बयान एक मीडिया रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें यह दावा किया गया था कि बसपा भाजपा के साथ आ गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान बार-बार बसपा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, खासकर दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के खिलाफ भ्रामक सूचनाएं फैलाकर। उन्होंने कहा कि इन तत्वों का मकसद बसपा की विश्वसनीयता को कमजोर करना है, जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचे।
एक खास मीडिया चैनल पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि उस चैनल ने एक भ्रामक और तथ्यहीन खबर चलाई, जिसका शीर्षक तो गुमराह करने वाला था ही, लेकिन खबर की सामग्री भी वास्तविकता से परे थी। उन्होंने इसे चुनाव से पहले पार्टी की छवि खराब करने की “घिनौनी कोशिश” बताया। अंत में मायावती ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे झूठे प्रचार और राजनीतिक साज़िशों से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि जातिवादी सोच रखने वाले तत्व लगातार बसपा के आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास करते रहते हैं।
