Lucknow: उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग की ओर से जारी एक आदेश को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस आदेश में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जों को हटाने की बात कही गई थी। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह के आदेश कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार एक ही रणनीति के तहत काम कर रही है। अखिलेश ने कहा, “पहले इकरा हसन के खिलाफ बीजेपी के नेताओं ने बयानबाज़ी करवाई, फिर डिंपल यादव को निशाने पर लिया गया, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई।”
“पीडीए को प्रताड़ित करने की हो रही कोशिश” — अखिलेश
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि जो दस्तावेज़ सामने आया है, उससे साफ होता है कि सरकार की सोच किस दिशा में है। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अब जागरूक है और इस तरह की साजिशों में नहीं फंसेगा। उनका कहना था कि इन सबका मकसद बीजेपी को उत्तर प्रदेश से बाहर करना है।
अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए न्यायपालिका से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने लिखा, “जो भी अवैध है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई जाति या धर्म देखकर नहीं होनी चाहिए। यह संविधान के खिलाफ है। हम इसे अदालत में चुनौती देंगे। जितना अधिक पीडीए को दबाया जाएगा, उतनी ही मज़बूती से उनकी एकता बढ़ेगी।”
पंचायती राज विभाग के आदेश पर मचा बवाल
विवादित आदेश में कहा गया था कि प्रदेश की सभी 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा ग्राम सभा की जमीन, पोखर, श्मशान, खेल के मैदान और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जे हटाए जाएं। मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लेते हुए इस आदेश को रद्द कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए, न कि किसी जाति या धर्म को केंद्र में रखकर। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग के निदेशक को निलंबित करने के निर्देश भी दिए।
