UP: उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर रुख अपनाया गया है। प्रदेश में करीब 8,300 ऐसे स्कूल चिह्नित किए गए हैं जिनके ऊपर से खतरनाक हाईटेंशन विद्युत लाइनें गुजर रही हैं। इस मुद्दे को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने ऊर्जा विभाग से औपचारिक अनुरोध किया है कि इन विद्युत लाइनों को जल्द से जल्द हटाया जाए।
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लंबे समय से इस विषय पर चर्चा और पत्राचार चल रहा है, लेकिन जिला स्तर पर बजट की कमी को इसकी प्रमुख बाधा बताया गया था। अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में शिक्षा और ऊर्जा विभागों ने मिलकर इस कार्य के लिए धनराशि निर्धारित की है, लेकिन फिर भी प्रगति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में इस विषय पर संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके तहत बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया है।
ऊर्जा विभाग ने भी इस दिशा में पहल करते हुए लगभग 80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर विद्यालय परिसरों का निरीक्षण करने और हाईटेंशन तारों को हटाने का अभियान चलाने के आदेश जारी किए गए हैं।
