Weather: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रयागराज, वाराणसी, बिजनौर, बरेली, लखीमपुर खीरी समेत लगभग 20 जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई इलाकों में जलभराव और आवाजाही में परेशानी पैदा हो गई है।
बिजनौर में सर्वाधिक वर्षा, मौसम विभाग की चेतावनी
मंगलवार को बिजनौर में प्रदेश की सबसे अधिक 248 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बहराइच, पीलीभीत, सहारनपुर और अन्य जिलों में भी मूसलधार बारिश हुई। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बुधवार को बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर और बरेली सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है।
लखनऊ में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 6 साल पुराना रिकॉर्ड
राजधानी लखनऊ में मानसूनी बारिश ने अगस्त महीने का छह वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार को यहां 91 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 2018 के बाद अगस्त में एक दिन की सर्वाधिक बारिश है। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है—अधिकतम तापमान 5.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया।
बाढ़ से अस्त-व्यस्त जनजीवन, 11 मंत्री निगरानी में तैनात
पूर्वांचल और बुंदेलखंड समेत कई इलाकों में बाढ़ के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रयागराज और वाराणसी में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हैं और कई घर जलमग्न हो चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 11 मंत्रियों की टीम 12 बाढ़ प्रभावित जिलों की निगरानी कर रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की प्रभावशीलता घट रही है, और बुधवार से बारिश में कमी आ सकती है। अब जोरदार बारिश के लिए किसी नए मानसूनी प्रणाली का इंतजार रहेगा।
