Bihar: बिहार में राजनीतिक माहौल उस समय गर्मा गया जब विपक्ष ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर दो अलग-अलग वोटर आईडी रखने का आरोप लगाया। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय सिन्हा ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
विजय सिन्हा का पक्ष और सबूत
विजय सिन्हा के अनुसार, पहले उनके पूरे परिवार का नाम पटना की मतदाता सूची में था। अप्रैल 2024 में उन्होंने अपना नाम लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में जोड़ने के लिए आवेदन किया और पटना से नाम हटाने के लिए भी फॉर्म भरा। उनके पास उस समय का प्रमाण मौजूद है। उन्होंने बताया कि किसी कारणवश नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई, इसलिए उन्होंने बीएलओ को बुलाकर लिखित आवेदन दिया और उसकी रसीद ली।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास दोनों दस्तावेज मौजूद हैं और नाम हटाने का फॉर्म रिजेक्ट हो गया था। उन्होंने कहा कि वे हमेशा एक ही स्थान से मतदान करते हैं—पिछले चुनाव में भी उन्होंने केवल लखीसराय से वोट डाला था और इस बार भी वहीं से आवेदन किया है। उनका कहना है कि वे संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कोई कार्य नहीं करते।
तकनीकी कारण से हुआ विलंब
विजय सिन्हा ने बताया कि तकनीकी कारण से नाम एक स्थान से समय पर नहीं हट पाया था, लेकिन 5 अगस्त को उन्होंने फिर से फार्म भरकर बीएलओ को आवेदन सौंप दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने केवल लखीसराय से ही मतदान किया था।
