नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया और एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस बार उनका भाषण अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के मुकाबले सबसे लंबा रहा, जिसमें उन्होंने देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और आने वाले वर्षों के विज़न पर विस्तार से बात की।

1 घंटे से ज्यादा का संबोधन
पीएम मोदी का भाषण करीब 103 मिनट तक चला, जो उनके पिछले भाषणों की अवधि को भी पार कर गया। इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047, महिला सशक्तिकरण, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कई अहम मुद्दों को शामिल किया।

देश के विकास का रोडमैप
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए विकास का इंजन बनेगा। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

महिला और युवा शक्ति पर विशेष फोकस
भाषण में मोदी ने महिलाओं और युवाओं को देश की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा, “नारी शक्ति और युवा शक्ति मिलकर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाएंगे।”

भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर हमला
पीएम ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण को देश की प्रगति के तीन बड़े अवरोधक बताते हुए इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इतिहास में दर्ज होगा यह भाषण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी का यह भाषण न केवल लंबाई के लिहाज़ से, बल्कि विषयों की व्यापकता के कारण भी याद रखा जाएगा।

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