औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में चर्चित ‘लिफाफा कांड’ मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने कार्रवाई करते हुए पूर्व एसडीएम और मंडी सचिव के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है। अब इस मामले की जांच एंटी करप्शन संगठन को सौंपी गई है। इस वीडियो में, मंडी सचिव सुरेश चंद्र को SDM के ऑफिस की एक रैक में एक लिफाफा रखते हुए देखा गया था. उनके जाने के बाद, SDM राकेश कुमार ने वह लिफाफा उठाकर अपनी जेब में रख लिया. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और किसी ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
क्या है ‘लिफाफा कांड’?
कुछ महीने पहले औरैया मंडी समिति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें अधिकारियों को कथित रूप से “लिफाफे” (रिश्वत) दिए जाने की बात सामने आई थी। वीडियो सामने आते ही मामला सुर्खियों में आ गया और विपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोला।
घटनाक्रम की टाइमलाइन
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया जिसमें अधिकारियों पर रिश्वत लेने के आरोप लगे। मामले ने राजनीतिक रंग लिया, विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और रिपोर्ट शासन को भेजी। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीर मानते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व एसडीएम और मंडी सचिव के खिलाफ FIR दर्ज की गई। अब यह देखना होगा कि जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर योगी सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की घटनाएँ बढ़ रही हैं और सरकार सिर्फ दिखावटी कार्रवाई कर रही है। वहीं, सरकार ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। शासन स्तर पर कहा गया है कि “भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति” पर ही सरकार काम कर रही है।
