लखनऊ। राज्यसभा सांसद एवं यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने लखनऊ के कन्वेंशन सेंटर में केंद्रीय मंत्री श्री कौशल किशोर द्वारा आयोजित विशाल पासी समाज सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि पासी समाज के सभी राजा राष्ट्रभक्त और हिन्दू समाज का संरक्षण करने वाले थे। इनको कभी कोई आसानी से पराजित नहीं कर पाया था। पासी समाज के राजाओं ने आक्रांताओं के दांत खट्टे किए और बड़ी लड़ाइयां को जीता । पासी समाज को बहादुर कौम बताते हुए कहा कि लखनऊ के आस पास के क्षेत्र में अधिकतर पासी राजा हुए थे। भारत में आने वाले आक्रान्ताओं ने देश को लूटा तथा महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार किया और इनसे मुकाबला करने का काम पासी समाज के राजाओं ने किया था । आक्रान्ताओं ने इन्हे लुटेरा घोषित कर दिया था पर असल में ये लुटेरे नहीं बल्कि हिन्दुओं का संरक्षण करने वाले थे, और इनको लूटेरा खाने वाले अंग्रेज और अन्य आक्रांता स्वयं लुटेरे थे। पासी राजाओं की एक ही प्रतिबद्धता थी कि हिन्दू धर्म के लिए लडेंगे और हिन्दू धर्म के लिए ही मरेंगे। देश में आने वाले आक्रान्ता पासी राजाओं से भय खाते थे। राज्यसभा सांसद ने लखनऊ को पासी समाज की धरोहर बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी-योगी महामानव की तरह आपकी अस्मिता की रक्षा और भारत को मजबूत करने के लिए आए हैं। ये शहर देश प्रदेश और भाजपा की सरकार आपकी ही है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पासी कौम के राजाओं और पूरी जाति ने सदैव हिंदू धर्म की रक्षा की और मुगल काल में उत्पीड़न के बावजूद कभी अपना धर्म नहीं छोड़ा।

राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि महान योद्धा लाखन पासी के नाम पर ही लखनऊ का नामकरण हुआ। पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशाेर ने कहा कि सालार गाजी ने मलिहाबाद के राजा कंस और लखनऊ के महाराजा लाखन पासी पर आक्रमण किया था जिसमें लाखन पासी शहीद हो गए। इसके बाद महाराजा सुहेलदेव पासी ने सालार गाजी को मौत के घाट उतारकर बदला लिया था। उन्होंने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना ऊदा देवी ने अंग्रेजों को नाकों चने चबाने पर मजबूर किया था। उन्होंने कहा कि पासी समाज ने हमेशा हिंदू धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए कुर्बानियां दी हैं लेकिन कुछ लोग पासी कौम का इतिहास बदलने की साजिश कर रहे हैं।
