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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने रविवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती के साथ जाने को तैयार हैं।

मायावती संग जुड़ने के संकेत

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने हमेशा दलितों, पिछड़ों और वंचित समाज की आवाज को मजबूती से उठाया है। इस लड़ाई को वे मायावती के नेतृत्व में आगे बढ़ा सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

बीजेपी से सपा तक का सफर

याद दिला दें कि मौर्य ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर सपा का दामन थामा था। हालांकि, सपा में उन्हें वैसा राजनीतिक महत्व नहीं मिला, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। यही वजह है कि अब वे एक बार फिर नए राजनीतिक विकल्प तलाशते नजर आ रहे हैं।

2027 चुनाव पर असर?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर मौर्य वास्तव में BSP में वापसी करते हैं तो इससे दलित-पिछड़ा समीकरण मजबूत होगा और इसका सीधा असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है।

अब सबकी नजर मायावती पर

फिलहाल, अब सभी की निगाहें मायावती पर टिकी हैं कि क्या वे मौर्य को दोबारा पार्टी में जगह देंगी या नहीं। अगर ऐसा होता है तो यूपी की सियासत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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