UP NEWS: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने देशभर में हो रही प्राकृतिक आपदाओं को लेकर गहरी चिंता जताई है। हाल ही में कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
मायावती का बयान
मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि इंसानियत के साथ खड़े होने का है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा-“आपदाओं से प्रभावित परिवारों की मदद के लिये केंद्र और राज्य सरकारों को तुरंत आगे आना चाहिए। पीड़ितों को हर संभव सहायता मिलनी चाहिए।”
लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाएँ
पिछले कुछ दिनों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं, तो कहीं किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके हैं।
मायावती का फोकस – राहत और पुनर्वास
मायावती ने कहा कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज़ी से लागू करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से गरीब और दलित वर्ग के परिवारों का जिक्र किया और कहा कि आपदाओं के समय इन्हें सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।
विपक्ष की राजनीति भी तेज
जहाँ बीजेपी और अन्य सत्ताधारी दल राहत कार्यों के दावे कर रहे हैं, वहीं मायावती समेत विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार की नीतियाँ और लापरवाही आपदा प्रबंधन को कमजोर बना रही हैं।
