नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम फैसले में SIR (State Identity Registry) को मान्यता देने से इनकार कर दिया और आधार कार्ड को ही नागरिकों की आधिकारिक पहचान पत्र के रूप में मान्यता दी है। अदालत का यह फैसला सीधे तौर पर चुनाव आयोग (EC) के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि आयोग लंबे समय से SIR को आधार से जोड़कर चुनावी प्रक्रिया में लागू करने पर जोर दे रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि देश में पहले से ही आधार जैसी मजबूत पहचान प्रणाली मौजूद है, ऐसे में अलग-अलग स्तर पर नई पहचान रजिस्ट्रियों की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि आधार कार्ड को ही नागरिकों की वैध पहचान और सत्यापन का आधार माना जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल चुनाव आयोग बल्कि कई राज्य सरकारों की योजनाओं को भी प्रभावित करेगा, जहां SIR को आधार से जोड़कर नई व्यवस्था लाने की तैयारी की जा रही थी। अब सभी पहचान आधारित प्रक्रियाओं में आधार कार्ड को ही मान्यता मिलेगी।
🔹 मुख्य बिंदु:
-
सुप्रीम कोर्ट ने SIR को मान्यता देने से किया इनकार।
-
आधार कार्ड को ही नागरिकों की पहचान का आधिकारिक दस्तावेज माना गया।
-
चुनाव आयोग को लगा बड़ा झटका।
-
राज्य सरकारों की नई पहचान योजनाओं पर भी असर पड़ेगा।
