Rahul Gandhi vs Election Commission: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने आयोग का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन इशारों में कहा— “चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा।” यह टिप्पणी उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के आरोपों के सिलसिले में की।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक 36 सेकंड का वीडियो साझा करते हुए लिखा— “सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ— ऐसे भी हुई वोट चोरी!” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने न केवल इस प्रक्रिया को नजरअंदाज किया बल्कि इसमें शामिल लोगों को बचाने का भी काम किया।
कर्नाटक मामले का जिक्र
राहुल गांधी ने दावा किया कि 2023 में कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश की गई थी। कांग्रेस उम्मीदवार ने इसका खुलासा किया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन राहुल का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सीआईडी जांच को रोक दिया और बार-बार सबूत उपलब्ध कराने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अगर 6,000 से ज्यादा वोट डिलीट हो जाते, तो कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव हार सकता था। राहुल गांधी का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई में खासकर दलित, ओबीसी, आदिवासी और महिलाओं को निशाना बनाया गया।
आयोग ने किया खंडन
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही देर बाद चुनाव आयोग ने उनके आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। आयोग ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन स्वतः हटाया नहीं जा सकता। इसके लिए तय प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता को सुनवाई का अवसर दिया जाता है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अलंद विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा मामला 2023 का है, जिसमें पहले ही जांच की जा चुकी है। आयोग के मुताबिक, यह आरोप मुख्य चुनाव आयुक्त की छवि धूमिल करने का प्रयास है।
