Lucknow: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि जाति सिर्फ पहचान नहीं बल्कि समाज का भावनात्मक जुड़ाव भी है। मंडल कमीशन की सिफारिशों के आधार पर ही पिछड़े वर्गों को आरक्षण मिला, क्योंकि उनकी स्थिति जातिगत आधार पर कमजोर मानी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) की एकता से डर लगने लगा है। जैसे ही सपा ने विभिन्न विभागों में पीडीए की तैनाती से जुड़े आंकड़े पेश किए, भाजपा बौखला गई और अब लोगों को अपमानित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने योगी सरकार के उस आदेश पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया है कि एफआईआर, वारंट या किसी दस्तावेज़ में जाति का उल्लेख नहीं होगा। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जब हरिजन एक्ट ही जाति आधारित है तो सरकार इस हकीकत से कैसे मुंह मोड़ सकती है। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए पूछा कि गंगाजल से मकान धुलवाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यहां तक कि जिस मंदिर में वे गए थे, वहां पंडित के मना करने के बावजूद भाजपा समर्थकों ने मंदिर धुलवाया।
भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड भाजपा ने तोड़े
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा के ही विधायक मंच से बोलते हैं कि 10% कमीशन देना पड़ता है, लेकिन सरकार इस पर चुप है। उन्होंने व्यंग्य किया कि जनता को क्रीम, पाउडर और शैंपू जैसे मुद्दों में उलझाया जा रहा है, जबकि असल खेल बड़े मुनाफाखोरों के साथ मिलकर चल रहा है। इसी मौके पर अखिलेश यादव ने सपा में शामिल हुए सुधीर चौहान, पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह, विद्यासागर और लालजी भारती (पूर्व बसपा नेता) का पार्टी में स्वागत भी किया।
किसानों की जमीन पर अन्याय बर्दाश्त नहीं
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की जमीन जबरन छीन रही है, झूठे मुकदमे लगाकर दबाव बना रही है। यह विकास का रास्ता नहीं बल्कि षड्यंत्र है। अखिलेश ने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर किसानों को सर्किल रेट बढ़ाकर उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि किसानों के साथ अन्याय की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता।
