लखनऊ। मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के मामलों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है। राज्य सरकार ने संदिग्ध कफ सिरप (Coldref Cough Syrup) की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने छापेमारी अभियान तेज कर दिया है।
बच्चों की मौत के बाद अलर्ट पर यूपी
हाल ही में मध्य प्रदेश में संदिग्ध कफ सिरप पीने से कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने की खबरें सामने आईं थीं। जांच में पाया गया कि उक्त सिरप के कुछ बैचों में डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) जैसे खतरनाक रासायनिक तत्व की मात्रा पाई गई, जो किडनी फेलियर और अन्य गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है। इसी के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया।
औषधि विभाग की सख्ती
प्रदेश के औषधि नियंत्रक ने सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को आदेश दिए हैं कि वे मेडिकल स्टोर्स, अस्पतालों और दवा वितरकों के यहां छापेमारी करें। जिन दुकानों पर यह सिरप या उसके समान बैच के उत्पाद पाए जाएं, उन्हें तुरंत जब्त कर जांच के लिए भेजा जाए।
लखनऊ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में टीमों ने कई मेडिकल स्टोर्स से कफ सिरप के नमूने एकत्र किए हैं। औषधि विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कोल्ड्रिफ सिरप के बैच SR-13 और उससे संबंधित स्टॉक को तुरंत सील किया जाए।
सरकार का बयान
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी मेडिकल स्टोर या अस्पताल में अगर प्रतिबंधित सिरप पाया गया, तो लाइसेंस रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में यदि यह सिरप मौजूद है तो उसका इस्तेमाल न करें और तुरंत उसे नष्ट करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जमा कराएं।
देशभर में जांच अभियान
उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और केरल में भी इस सिरप पर प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्र सरकार ने संबंधित फार्मा कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है और जांच रिपोर्ट आने तक उत्पादन रोकने के निर्देश दिए हैं।
