रामलीला के सौ वर्ष पूर्ण होने पर नागेश्वर द्विवेदी व ललित दीक्षित ने कलाकारों व समिति को किया सम्मानित

मोहनलालगंज। मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में आयोजित दस दिवसीय भव्य रामलीला का समापन विजयादशमी के पावन अवसर पर धूमधाम से हुआ। रावण वध के साथ भगवान श्रीराम ने अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। मंच पर श्रीराम द्वारा रावण पर तीर चलाने का दृश्य देखते ही पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। रावण वध के बाद रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस वर्ष सिसेंडी की ऐतिहासिक रामलीला ने अपने 100 वर्ष पूर्ण किए। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी/संपादक नागेश्वर द्विवेदी व वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी ललित दीक्षित ने रामलीला समिति के पदाधिकारियों, कलाकारों और सदस्यों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि “ग्रामीण क्षेत्रों में अपार प्रतिभाएं हैं, बस उन्हें मंच और अवसर की आवश्यकता है।” साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा रामलीला चबूतरे के निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियां भारतीय संस्कृति से जुड़ी रहेंगी।

रामलीला के मंचन में स्थानीय कलाकारों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान व रावण के चरित्रों को जीवंत कर दर्शकों का मन मोह लिया। पूरा सिसेंडी गांव भक्तिरस में डूब गया।कार्यक्रम में समाजसेवी नागेश्वर द्विवेदी, प्रधान संघ अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बबलू, मेला मैनेजर अभिलाष दीक्षित, प्रदीप सिंह, मधुकर यादव, सरविन्द निर्मल, मुकेश निर्मल, संतराम चौरसिया, सूर्य कुमार द्विवेदी, बाबूलाल रावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।मंच संचालन प्रदीप ने किया, जबकि मेला प्रबंधन की जिम्मेदारी अभिलाष दीक्षित ने संभाली। उन्होंने बताया कि यह रामलीला हर वर्ष गांववासियों के सहयोग से आयोजित की जाती है, जिसका उद्देश्य समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को बनाए रखना है।

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