लखनऊ। रामपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। जहां सपा इस मुलाकात को “पुराने साथी से भावनात्मक भेंट” बता रही है, वहीं योगी सरकार के मंत्री इसे “वोट बैंक बचाने की कोशिश” और “राजनीतिक स्टंट” करार दे रहे हैं।
‘घड़ियालू आंसू’ बहाने पहुंचे अखिलेश : जेपीएस राठौर
सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि, “जब आजम खान 23 महीने जेल में बंद थे, तब अखिलेश यादव को उनकी याद नहीं आई। आजम ने खुद कहा था कि जेल में रहते किसी ने परिवार की सुध नहीं ली। अब जब वोट बैंक खिसकता दिख रहा है, तो अखिलेश घड़ियालू आंसू बहाने रामपुर पहुंचे हैं। यह सिर्फ सियासी स्टंट है।” राठौर ने आगे कहा कि सपा ने आजम खान का विकल्प तैयार कर उनकी राजनीति कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन अब नुकसान की भरपाई के लिए दिखावा किया जा रहा है।
अखिलेश ने आजम के भरोसे को खुद तोड़ा : दयाशंकर सिंह
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी सपा अध्यक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव को आजम खान से वास्तव में लगाव होता, तो वे जेल से रिहाई के तुरंत बाद उनसे मिलने जाते।“अब जब सपा का पारंपरिक वोट बैंक बिखरता दिख रहा है, तभी उन्हें रामपुर का रास्ता याद आया है। राजनीति में रिश्ते भरोसे पर टिकते हैं, और अखिलेश ने वही भरोसा तोड़ा है,” दयाशंकर ने कहा।
‘मुलाकात सिर्फ राजनीतिक ढोंग’ : दानिश आजाद अंसारी
अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस मुलाकात को “राजनीतिक ढोंग” बताया। उन्होंने कहा कि, “जब आजम खान जेल में थे, तब अखिलेश एक बार भी मिलने नहीं गए। अब चुनाव करीब हैं तो मुसलमानों को गुमराह करने के लिए यह दिखावा किया जा रहा है।” अंसारी ने आगे कहा कि सपा और अखिलेश के दिल में मुसलमानों के लिए कोई जगह नहीं है। “सपा को मुसलमान तब याद आते हैं जब वोट चाहिए होता है, लेकिन जब बात शिक्षा, रोजगार और विकास की आती है, तो वे गायब हो जाते हैं,” उन्होंने कहा।
अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात के बाद जहां भाजपा खेमे ने इसे “वोट बैंक की मजबूरी” बताया है, वहीं सपा इसे “मानवीय पहल” कह रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सपा के भीतर एकता का संदेश देने के साथ-साथ मुस्लिम वोट बैंक को साधने की रणनीति का भी हिस्सा है।
