Bihar Election: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़ लिया है। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजभर ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब NDA गठबंधन से अलग होकर 153 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
गठबंधन में मनमुटाव बना कारण
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से एनडीए में सीट बंटवारे और रणनीति को लेकर राजभर की नाराज़गी चल रही थी। उनका कहना था कि भाजपा ने छोटे सहयोगियों को “समान सम्मान” नहीं दिया। इसी वजह से उन्होंने गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया।
“अब लड़ाई जनता के सम्मान की” – ओपी राजभर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओपी राजभर ने कहा, “हमने हमेशा सामाजिक न्याय और हक़ की राजनीति की है। जब हमारी बात सुनी ही नहीं जा रही, तो अब हम अकेले मैदान में उतरेंगे। यह लड़ाई अब सत्ता की नहीं, जनता के सम्मान की है।”
भाजपा ने जताया अफसोस
भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि “राजभर जी का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने हमेशा उन्हें सम्मान दिया, पर उन्होंने गलतफहमी में कदम उठाया है।” भाजपा का कहना है कि इससे एनडीए के मतों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
राजनीतिक समीकरणों में हलचल
राजभर के इस फैसले से बिहार के सियासी समीकरण में नई हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि उनकी पार्टी पूर्वी बिहार के कुछ इलाकों में पिछड़े वर्ग के वोटों पर असर डाल सकती है।
पहले भी तोड़ा था गठबंधन
यह पहला मौका नहीं है जब ओपी राजभर ने भाजपा से दूरी बनाई है। 2019 में भी उन्होंने उत्तर प्रदेश में गठबंधन तोड़ दिया था और विपक्षी दलों के साथ अपनी राह अलग कर ली थी। अब बिहार में एक बार फिर उन्होंने भाजपा को झटका दिया है।
