हाथरस : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच के बाद एसपी हाथरस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जयसिंहपुर थाना प्रभारी (SHO) और एक इंस्पेक्टर को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ने के दौरान जानबूझकर उसके पैर में गोली मारी और इसे एनकाउंटर बताने की कोशिश की।

क्या है मामला

सूत्रों के अनुसार, बीते सप्ताह जयसिंहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध मानते हुए पीछा किया। बताया गया कि इस दौरान पुलिस और संदिग्ध के बीच मुठभेड़ हुई और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिसमें युवक के पैर में गोली लगी। पुलिस ने इसे ‘एनकाउंटर’ बताते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी।

लेकिन बाद में जब सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान सामने आए, तो पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े हो गए। जांच में यह सामने आया कि मुठभेड़ की कहानी फर्जी थी और युवक को हिरासत में लेने के बाद गोली मारी गई थी।

SP हाथरस की सख्त कार्रवाई

जांच रिपोर्ट आने के बाद एसपी हाथरस ने तत्काल प्रभाव से SHO और एक इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया। साथ ही मामले की विस्तृत जांच सीओ स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
एसपी ने कहा, “पुलिस की विश्वसनीयता सर्वोपरि है। किसी भी स्थिति में कानून से खिलवाड़ या झूठी कहानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

घायल युवक अस्पताल में भर्ती

जिस युवक को गोली लगी, उसका इलाज हाथरस जिला अस्पताल में चल रहा है। परिवार का आरोप है कि उसे फर्जी केस में फंसाया गया और मारपीट के बाद गोली मारी गई। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है।

जिले में मचा हड़कंप

इस घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारी अब एनकाउंटर मामलों की फाइलें दोबारा खंगाल रहे हैं। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले को लेकर कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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