। गुजरात की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुक्रवार को नई राज्य मंत्रिपरिषद (Cabinet) ने शपथ ली। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित भव्य समारोह में हर्ष सांघवी को राज्य का उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया गया। इस नई टीम में कुल 26 मंत्री शामिल हुए हैं, जिनमें 19 नए चेहरे हैं जबकि 6 पुराने मंत्रियों की वापसी हुई है।
नई शुरुआत, पुराने मंत्रियों का इस्तीफा
गुजरात सरकार में पिछले कुछ दिनों से फेरबदल की चर्चा जोरों पर थी। अंततः गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सभी पुराने मंत्रियों ने इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद आज सुबह राज्यपाल आचार्य देवव्रत की मौजूदगी में नई कैबिनेट ने शपथ ली।इस फेरबदल के साथ भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में नई ऊर्जा और संतुलित नेतृत्व देने की कोशिश की है।
हर्ष सांघवी बने डिप्टी सीएम
सूरत के युवा नेता हर्ष सांघवी को उपमुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने युवाओं और दक्षिण गुजरात को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। सांघवी संगठन के साथ-साथ प्रशासनिक कामों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। राज्य में लंबे समय बाद डिप्टी सीएम का पद फिर से बहाल हुआ है, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया।
नई कैबिनेट में 19 नए चेहरे
नई सरकार में 19 नए चेहरों को मौका दिया गया है, जिनमें कई पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें रिवाबा जडेजा, मिलन ठाकोर, कीर्ति सिंह वाघेला, और कनुभाई देसाई जैसे नाम शामिल हैं। भाजपा ने इस बार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर टीम तैयार की है — उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और दक्षिण के क्षेत्रों को बराबर प्रतिनिधित्व मिला है।
6 पुराने मंत्रियों की वापसी
पुरानी कैबिनेट से 6 मंत्रियों को दोबारा मौका दिया गया है। माना जा रहा है कि ये मंत्री अपने-अपने विभागों में बेहतर प्रदर्शन के चलते फिर से सरकार में शामिल किए गए हैं।
राजनीतिक संदेश और रणनीति
भाजपा ने इस फेरबदल के जरिए युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर एक व्यापक राजनीतिक संदेश दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पार्टी ने यह बदलाव 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया है, ताकि नए नेतृत्व के साथ जनता के बीच नई छवि बनाई .
इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटिल, पूर्व सीएम विजय रूपाणी, और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूरा समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया और राज्यभर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे “नई टीम, नया जोश” का प्रतीक बताया। गुजरात की नई कैबिनेट ने न सिर्फ राजनीतिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी संतुलन साधने की कोशिश की है।
