पटना: लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आखिरकार दीपावली के दिन 143 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। यह ऐलान बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है, खासतौर पर इसलिए क्योंकि पार्टी ने इस बार कई पुराने दावेदारों को दरकिनार करते हुए नए चेहरों को मौका दिया है। यह सूची इस बात का संकेत देती है कि तेजस्वी यादव की अगुवाई में आरजेडी “बदलाव और रणनीतिक संतुलन” के साथ मैदान में उतर रही है।

सीतामढ़ी की दो सीटों पर नए उम्मीदवारों का दांव

सीतामढ़ी जिले की रुन्नीसैदपुर और परिहार विधानसभा सीटों पर आरजेडी ने इस बार नए चेहरों पर भरोसा जताया है।
परिहार सीट (विधानसभा संख्या 25) से डॉ. स्मिता पूर्वे को टिकट दिया गया है। स्मिता पूर्वे, पूर्व मंत्री रामचंद्र पूर्वे की बहू हैं और लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं।

पिछले चुनाव में इस सीट से रितु जायसवाल, जो कि राजद महिला सेल की प्रदेश अध्यक्ष थीं, रनर-अप रही थीं। माना जा रहा था कि उन्हें दोबारा मौका मिलेगा, लेकिन पार्टी ने आखिरी वक्त पर नया चेहरा उतारकर चौंका दिया

वहीं रुन्नीसैदपुर सीट से टिकट पाने की दौड़ में जदयू के मौजूदा विधायक दिलीप राय भी शामिल थे। उन्होंने हाल ही में राजद का दामन थामा था और क्षेत्र में सक्रिय प्रचार भी शुरू कर दिया था। लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिससे वे दोनों प्रमुख दलों से बाहर हो गए हैं।

पुराने चेहरों पर भी बरकरार रहा भरोसा

जहां एक ओर नए चेहरों को जगह दी गई है, वहीं आरजेडी ने कुछ अनुभवी नेताओं पर भी भरोसा कायम रखा है।
सीतामढ़ी विधानसभा सीट (नंबर 28) से सुनील कुमार कुशवाहा को फिर से टिकट मिला है, जबकि सुरसंड (नंबर 26) से अबु दोजाना को दोबारा मैदान में उतारा गया है।
दोनों नेता पिछले चुनाव में रनर रहे थे और पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें फिर से मौका दिया गया है।

पटना जिले से भी अहम नामों का ऐलान

राजधानी पटना जिले की सीटों पर भी आरजेडी ने कई चर्चित नामों को मैदान में उतारा है।

  • दानापुर से — रीतलाल यादव

  • बख्तियारपुर से — अनिरुद्ध यादव

  • बांकीपुर से — रेखा गुप्ता

  • मसौढ़ी से — रेखा पासवान

  • मोकामा से — वीणा देवी

खास बात यह है कि मोकामा सीट से वीणा देवी का मुकाबला एनडीए के कद्दावर नेता अनंत सिंह से होने जा रहा है, जो इस सीट को राजनीतिक रूप से बेहद चर्चित बना देगा।

राजनीतिक संकेत: “युवाओं और सामाजिक संतुलन” की रणनीति

विश्लेषकों का कहना है कि RJD की यह सूची बताती है कि पार्टी इस बार युवाओं, महिलाओं और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर ध्यान दे रही है। तेजस्वी यादव ने संकेत दिया है कि पार्टी अब सिर्फ पारंपरिक वोट बैंक पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि “नई सोच और नई पीढ़ी” को साथ लेकर चलना चाहती है।

दीपावली के दिन जारी हुई यह सूची सिर्फ उम्मीदवारों का ऐलान नहीं, बल्कि आरजेडी के लिए राजनीतिक रीसेट का प्रतीक भी है। पुराने नेताओं और नए चेहरों के मिश्रण से पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह परिवर्तन और संगठन आधारित राजनीति की ओर बढ़ रही है। अब देखना यह होगा कि तेजस्वी यादव का यह चयन संतुलन जनता को कितना लुभाता है और क्या यह रणनीति बिहार की सियासत की दिशा बदलने में कामयाब होती है।

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *