अयोध्या। दीपोत्सव 2025 के भव्य आयोजन के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। सरयू तट पर आयोजित दीपोत्सव समारोह में उन्होंने कहा कि “जिन लोगों ने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, आज वही लोग भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। हमने गोलियां नहीं, दीप जलाए — यही फर्क है हमारे और उनके बीच।”
रामलला के समक्ष पहला दीया जलाकर किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रामलला के समक्ष पहला दीया जलाया। इसके बाद उन्होंने सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी पर संध्या आरती में भाग लिया। दीपों की रौशनी, भक्ति संगीत और जय श्रीराम के नारों से पूरा अयोध्या शहर गूंज उठा।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दीपोत्सव 2025
इस बार दीपोत्सव ने नया इतिहास रच दिया। 26,17,215 दीयों की जगमगाहट ने एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अयोध्या का नाम दर्ज कराया। गिनीज टीम के प्रतिनिधि रिचर्ड स्टेनिंग ने कहा “यह अविश्वसनीय दृश्य है। हर साल अयोध्या नई ऊंचाइयां छू रही है, यह रिकॉर्ड पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है।”
“अखंड भारत का प्रतीक है भव्य राम मंदिर” — सीएम योगी
दीपोत्सव मंच से योगी आदित्यनाथ ने कहा “वे लोग राम को मानते नहीं थे। उन्होंने रामभक्तों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। लेकिन आज, वही अयोध्या करोड़ों दीपों से आलोकित है। भव्य श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि अखंड भारत की आस्था और एकता का प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा कि जब भारत अखंड रहेगा, तभी हर धर्म और श्रद्धा का सम्मान संभव होगा। “हमने रामलला की जन्मभूमि पर दीप जलाए हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां यह याद रखें कि सत्य और श्रद्धा की विजय सदैव होती है।”
अयोध्या बनी आस्था की राजधानी
दीपोत्सव 2025 में लाखों श्रद्धालु, पर्यटक और साधु-संत शामिल हुए। पूरी अयोध्या को दीपों, फूलों और सजावट से सजाया गया। राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी और कनक भवन जैसे स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ी। सरयू तट पर आतिशबाज़ी और लाइट शो ने इस ऐतिहासिक आयोजन को और भव्य बना दिया।
अयोध्या दीपोत्सव 2025 ने न केवल नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, बल्कि एक बार फिर भारत की सांस्कृतिक पहचान और आस्था की शक्ति को उजागर किया। सीएम योगी आदित्यनाथ का संदेश साफ था “अंधकार पर प्रकाश की, अन्याय पर न्याय की और अधर्म पर धर्म की जीत ही अयोध्या का संदेश है।”
