नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने देशभर में मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी व सटीक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के सफल संचालन के बाद अब आयोग ने इसके दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की है। इस चरण में देश के 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बिहार में 7.5 करोड़ मतदाताओं तक पहुंच बनाते हुए SIR को सफलतापूर्वक लागू किया गया। इसके बाद आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव आयुक्तों के साथ दो विस्तृत बैठकें कीं, जिनमें अब तक चले पुनरीक्षण अभियानों के अनुभव साझा किए गए।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि, “हमारा उद्देश्य है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़ सके और जिन नामों में दोहराव या त्रुटि है, उन्हें हटाया जा सके। यह लोकतंत्र की बुनियाद को और मजबूत करेगा।”
आयोग ने बताया कि 1951 से लेकर अब तक आठ बार ऐसे विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाए जा चुके हैं। लेकिन इस बार आधुनिक तकनीक और डेटा सत्यापन के साथ SIR को ज्यादा प्रभावी बनाया जा रहा है।
दूसरे चरण में शामिल राज्य:-
सूत्रों के मुताबिक, दूसरे चरण में जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया है उनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गोवा, नागालैंड, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।
वहीं, पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया मध्य नवंबर से शुरू होने की संभावना है। कुछ राज्यों, जैसे केरल, ने आयोग से समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि स्थानीय निकाय चुनावों के साथ कार्य में समन्वय बनाया जा सके।
क्या है SIR का उद्देश्य:-
SIR यानी Special Intensive Revision का मकसद है: योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ना, फर्जी या दोहराए गए नामों को हटाना, और मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन करना।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान से मतदाता सूची अधिक सटीक बनेगी, जिससे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
मतदाताओं के लिए संदेश:-
आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वोटर कार्ड की जानकारी सत्यापित करें और यदि कोई गलती हो, तो नजदीकी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुधार कराएं।
