नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (सोमवार, 27 अक्टूबर) इतिहास रचने जा रही हैं। राष्ट्रपति मुर्मू आज भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल (Rafale) में उड़ान भरेंगी। इस उड़ान के साथ ही वे राफेल में उड़ान भरने वाली देश की दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बन जाएंगी। राष्ट्रपति का यह सफर न केवल प्रतीकात्मक है बल्कि यह भारतीय वायुसेना की सैन्य क्षमता और आधुनिक तकनीक पर विश्वास को भी दर्शाता है।
जोधपुर एयरबेस से भरेंगी उड़ान
राष्ट्रपति मुर्मू जोधपुर एयरबेस से राफेल विमान में उड़ान भरेंगी। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी इस उड़ान के दौरान उनके साथ मौजूद रहेंगे। उड़ान से पहले राष्ट्रपति को राफेल की तकनीकी जानकारी और सेफ्टी ब्रीफिंग दी जाएगी। राष्ट्रपति का यह कदम वायुसेना दिवस के बाद भारतीय रक्षा बलों के प्रति उनके सम्मान और समर्थन को भी प्रदर्शित करता है।
राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली फाइटर जेट उड़ान
राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यकाल में यह पहला अवसर है जब वे किसी फाइटर जेट में उड़ान भरने जा रही हैं। इससे पहले वर्ष 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सुखोई-30 एमकेआई (Sukhoi-30 MKI) विमान से उड़ान भरकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब द्रौपदी मुर्मू राफेल में उड़ान भरकर इस सूची में शामिल हो जाएंगी।
भारतीय वायुसेना की ताकत – राफेल
राफेल जेट को फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन कंपनी ने तैयार किया है और यह भारतीय वायुसेना के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुआ है।
इसमें अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम, मल्टीरोल अटैक क्षमता और हाई-एंड एवियोनिक्स लगे हैं, जिससे यह किसी भी मौसम और परिस्थिति में सटीक हमले करने में सक्षम है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा संदेश
राष्ट्रपति मुर्मू का यह कदम महिला सशक्तिकरण और सैन्य क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है।
उनका राफेल में उड़ान भरना न केवल भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है, बल्कि यह देशभर की युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगा।
