शामली: उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। मामला शामली जनपद के शीतलगढ़ी क्षेत्र का है, जहां यमुना नदी के किनारे सीमांकन और पिलर लगाने को लेकर दोनों राज्यों के अधिकारियों में नोकझोंक हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह विवाद पिछले कई वर्षों से हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद, हरियाणा के तहसीलदार कृष्ण कुमार पर कोर्ट के आदेशों की अनदेखी करते हुए मौके पर पहुँचने और स्थानीय किसानों को परेशान करने का आरोप लगा है।
वहीं, ऊन के नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा है कि, “सीमा निर्धारण और पिलर लगाने का अधिकार केवल सर्वे ऑफ इंडिया को है। किसी भी राज्य के अधिकारी द्वारा इस संबंध में मनमाने ढंग से कार्रवाई करना गैरकानूनी और कोर्ट की अवमानना माना जाएगा।” इस दौरान करनाल के एसडीएम अनुभव मेहता भी मौके पर पहुँचे और दोनों राज्यों के अधिकारियों व किसानों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विवाद का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा।
स्थानीय किसानों ने बताया कि वे पीढ़ियों से इस भूमि पर रह रहे हैं, लेकिन हरियाणा के खनन ठेकेदारों के दबाव में अधिकारी अक्सर उन्हें बेवजह परेशान करते हैं। किसानों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन को यह जानकारी दे चुके हैं कि यह मामला अदालत में लंबित है, फिर भी हरियाणा के अधिकारी जबरन सीमांकन की कार्रवाई करने पहुंच जाते हैं।
फिलहाल, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सर्वे ऑफ इंडिया की टीम मौके पर मौजूद नहीं होती, तब तक किसी भी प्रकार का सीमांकन या पिलर लगाना पूरी तरह अवैध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों राज्यों के अधिकारी सतर्क हैं और स्थानीय स्तर पर शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
