लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने महानगर थाना क्षेत्र की पेपरमिल चौकी में तैनात दरोगा धनंजय सिंह को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में चौकी प्रभारी पर आरोप है कि उन्होंने गैंगरेप केस के आरोपी कोचिंग संचालक से नाम हटाने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। टीम द्वारा अचानक मारे गए छापे से चौकी परिसर में हड़कंप मच गया।
विवेचना के नाम पर मांगी गई रिश्वत
जानकारी के अनुसार, चौकी प्रभारी धनंजय सिंह ने गैंगरेप के एक केस में आरोपी कोचिंग संचालक से नाम हटाने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की थी।
बातचीत के बाद सौदा दो लाख रुपये में तय हुआ। कोचिंग संचालक ने पूरे मामले की सूचना एंटी करप्शन विभाग को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर दरोगा को रंगे हाथों दबोच लिया।
कोचिंग संचालक की शिकायत पर हुआ ट्रैप
गिरफ्तार दरोगा के खिलाफ शिकायत कोचिंग संचालक प्रदीप गुप्ता ने की थी। प्रदीप के अनुसार, उनके यहां काम करने वाली एक युवती ने कुछ महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी और बाद में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रदीप ने बताया कि केस में उनका नाम झूठे तरीके से जोड़ा गया था, और चौकी प्रभारी ने इसी केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगी थी।
कोचिंग संचालक का आरोप
प्रदीप गुप्ता का कहना है कि संबंधित युवती ने पहले उन्हें 50 लाख रुपये की मांग कर धमकाया था। उन्होंने 10 लाख रुपये देने की बात कही, लेकिन युवती और उसके साथियों ने 50 लाख रुपये पूरे करने की शर्त रखी थी। इस बीच चौकी प्रभारी ने भी उनसे केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगी, जिसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम को सूचित किया।
आरोपी दरोगा से पूछताछ जारी
एंटी करप्शन टीम ने दरोगा धनंजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
