lucknow news: लखनऊ के हजरतगंज स्थित अटल चौक पर मंगलवार को दिव्यांग महागठबंधन से जुड़े 50 से अधिक दिव्यांग महिलाएँ और पुरुष अपने अधिकारों की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारी हाथों में प्लेकार्ड लिए 27 सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपने के लिए डटे रहे। दिव्यांग महागठबंधन यूपी के महासचिव वीरेंद्र कुमार ने बताया कि संगठन पिछले कई महीनों से दिव्यांगों के लिए नौकरी, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा, रोटी-कपड़ा-मकान जैसी बुनियादी जरूरतों की सौ फीसदी गारंटी देने वाले सामाजिक समानता कानून की मांग कर रहा है। इसके साथ ही वे दिव्यांग पेंशन को 5,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं।
संगठन ने लेखपाल और मुख्य सेविका अभ्यर्थियों की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। वीरेंद्र कुमार के अनुसार, बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में अनदेखा किया गया है, जबकि विभाग में 188 लेखपाल और 31 मुख्य सेविका पद अब भी खाली पड़े हैं। संगठन का कहना है कि इन पदों को तुरंत भरा जाए और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिले। प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर भी चिंता जताई गई। संगठन ने मांग की कि सरकार बच्चों और युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे।
वीरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही UPSSSC की रही है, और उसका खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने कहा— “गलती आयोग की है, बच्चों की नहीं। सरकार को उन्हें नौकरी देकर न्याय देना चाहिए।” प्रदर्शनकारी चेतावनी देकर गए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
