UP NEWS: सहारा समूह के खिलाफ चल रही सबसे बड़ी वित्तीय जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाया है। ईडी ने सहारा समूह के निदेशक ओ.पी. श्रीवास्तव को ₹1.79 लाख करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी कोलकाता से की गई, जहां वे कथित रूप से सहारा समूह की गुप्त संपत्तियों के संचालन और बेचने की प्रक्रिया में शामिल पाए गए।
सुब्रत रॉय की मृत्यु के बाद संदिग्ध गतिविधि तेज
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के निधन के बाद समूह की संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठे थे। ईडी को संदेह है कि रॉय की मृत्यु के बाद कुछ संपत्तियों की गुप्त तरीके से बिक्री की जा रही थी। इसी जांच के दौरान ओ.पी. श्रीवास्तव की भूमिका सामने आई।
₹1.79 लाख करोड़ का सबसे बड़ा घोटाला
यह मामला सहारा समूह की उन फर्जी निवेश योजनाओं से जुड़ा है, जिनमें देशभर के लाखों लोगों का पैसा फंसा था। ईडी का आरोप है कि इन योजनाओं के जरिए जो भारी रकम जुटाई गई, उसे जटिल लेन-देन, शेल कंपनियों और गै़रकानूनी निवेशों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया गया।
ईडी ने जमा किए महत्वपूर्ण सबूत
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने कई डिजिटल दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी डील और निवेश से जुड़े कागज कब्जे में लिए हैं। इन्हीं सबूतों की कड़ी से ओ.पी. श्रीवास्तव की गिरफ्तारी हुई है। ईडी को उम्मीद है कि पूछताछ में मामले के बड़े राज़ खुल सकते हैं।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में सहारा समूह के अन्य शीर्ष लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है। यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि करोड़ों निवेशकों की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं।
