Lucknow Sahara City voters: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हाई-प्रोफाइल आवासीय क्षेत्र सहारा शहर (Sahara Shahar) से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सहारा समूह के संस्थापक रहे सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय, बेटे सुशांतो रॉय, रिश्तेदारों और समूह से जुड़े अन्य प्रमुख लोगों के वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरअसल, नगर निगम द्वारा सहारा शहर को सीज किए जाने के बाद यह क्षेत्र पूरी तरह खाली हो चुका है। निवासियों के न होने की वजह से चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के अंतर्गत इन मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है।
सीलिंग के कारण सत्यापन फॉर्म दरवाज़े पर चिपकाए गए
ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) राजेश के अनुसार, वह दो बार सहारा शहर के पते पर मतदाता सत्यापन के लिए पहुंचे, लेकिन सीलिंग के कारण अंदर प्रवेश नहीं मिल सका। दोनों बार गार्डों ने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि नगर निगम की कार्रवाई के चलते परिसर में किसी को अनुमति नहीं है।
नतीजतन—
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निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन फॉर्म दरवाज़े की बाहरी दीवार पर चस्पा कर दिए गए हैं।
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अभी तक कोई भी फॉर्म रिसीव नहीं किया गया है।
बीएलओ के मुताबिक, यदि संबंधित व्यक्ति फॉर्म भरकर वापस जमा करते हैं, तो उनके नाम सूची में बने रहेंगे। लेकिन मौके पर कोई नहीं मिलने से संभावना बेहद कम दिख रही है।
अंतिम नोटिस के बाद नाम हटना लगभग तय
प्रक्रिया के अगले चरण में इन सभी 19 लोगों को अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। यदि वे निर्धारित समय में दावा (Claim) दाखिल नहीं करते हैं, तो
उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे। चूँकि सहारा शहर सील है और वहां कोई रह नहीं रहा है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि
इन सभी 19 नामों का हटना लगभग तय है।
वोटर लिस्ट से हटने वाले प्रमुख नाम
सहारा शहर के पते पर पंजीकृत जिन 19 लोगों का सत्यापन चल रहा है, उनमें कई बड़े नाम शामिल हैं:
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स्वप्ना रॉय
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सुशांतो रॉय
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मौसमी रॉय
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जयव्रत रॉय
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सम्राट नियोगी
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तृषा नियोगी
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सुदीप नियोगी
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आनंद बालिया
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तारा पंथी
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मनीषा भट्टाचार्य
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और अन्य
सहारा समूह के लिए एक और चुनौती
यह घटना सहारा समूह और उसके परिवार के लिए एक और प्रशासनिक और कानूनी चुनौती बनकर उभरी है, क्योंकि सहारा शहर से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएँ पहले ही जारी हैं।
