लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण राजनीति का सबसे बड़ा चुनावी महासंग्राम शुरू होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश ने पंचायत चुनाव 2026 के लिए मतदान और मतगणना की आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, ग्राम प्रधान चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे, जबकि 12 मई 2026 को मतगणना होगी। इससे यह साफ हो गया है कि मई के दूसरे सप्ताह तक प्रदेश को उसके नए ग्राम प्रधान मिल जाएंगे।
📅 चार चरणों में होगा मतदान
पहले चरण का मतदान 20 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कराया जाएगा, जिनमें सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, आगरा और अलीगढ़ जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। दूसरे चरण का मतदान 25 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें बरेली, शाहजहांपुर, कानपुर, उन्नाव, इटावा, बहराइच और सीतापुर समेत कई जिले मतदान के लिए तैयार रहेंगे। तीसरे चरण में 30 अप्रैल को लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रयागराज, बाराबंकी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में वोटिंग कराई जाएगी। अंतिम चरण का मतदान 4 मई को पूर्वांचल और आसपास के जिलों—गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, मऊ और चंदौली में होगा।
🧮 12 मई को खुलेगा फैसला
चारों चरणों के मतदान के बाद 12 मई को मतगणना कराई जाएगी। इसी दिन यह तय होगा कि किसे ग्राम प्रधान का ताज मिलेगा और किसे जनता ने नकार दिया।
🌾 गांव-गांव में तेज होगी सियासी हलचल
पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही गांवों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क शुरू कर दिया है, वहीं राजनीतिक दल भी अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। जानकारों का मानना है कि इस बार पंचायत चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों की दिशा भी तय करेंगे। कुल मिलाकर, 2026 के पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राजनीतिक दृष्टि से बड़ा राज्य है, और यहां के पंचायत चुनाव हमेशा से सत्ता के संकेतक माने जाते रहे हैं।
