नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देने और राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा करने वाले मशहूर कोचिंग गुरु अवध ओझा ने भारतीय राजनीति पर एक अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मजबूती की असली वजह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) है, और जब तक RSS मजबूत रहेगा, तब तक भाजपा को कोई पराजित नहीं कर पाएगा।

RSS की खुलकर सराहना

ओझा ने RSS की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि संघ के विचारक और कार्यकर्ता किसी नेता की चापलूसी नहीं करते और न ही उन्हें पद या धन का कोई मोह होता है। उनके अनुसार यह विशेषता भाजपा को अन्य दलों से अलग बनाती है। उन्होंने कहा “बीजेपी का एक सलाहकार परिवार है—आरएसएस। उसके विद्वान किसी नेता के आगे नहीं झुकते, क्योंकि उन्हें कोई लालच नहीं है। बाकी पार्टियों में चिंतक केवल चाटुकार होते हैं, क्योंकि बॉस को यही पसंद आता है।”

अन्य दलों पर बिना नाम लिए निशाना

अवध ओझा ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए कहा कि ज्यादातर पार्टियों में विचारकों की भूमिका सीमित हो गई है और नेताओं के सामने सिर्फ “हाँ” कहने वाले लोग टिकते हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि कई दल आंतरिक मजबूती की कमी से जूझते हैं।

एक साल बाद AAP से इस्तीफा, राजनीति से संन्यास

अवध ओझा पिछले वर्ष दिसंबर 2023 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। ठीक एक साल बाद उन्होंने पार्टी और राजनीति—दोनों से संन्यास की घोषणा कर दी।

इस्तीफा देते समय उन्होंने:

  • अरविंद केजरीवाल को “महान नेता” बताया

  • पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद दिया

  • और निर्णय को “व्यक्तिगत” बताया

हालांकि, AAP के कुछ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने ओझा के अचानक लिए गए फैसले पर नाराज़गी जताई।

BJP–RSS मॉडल की फिर की प्रशंसा

अवध ओझा ने इससे पहले भी कहा था कि भारतीय राजनीति में दो संगठनों का साथ चलना ज़रूरी है—एक राजनीतिक और एक सामाजिक संगठन। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि भाजपा पाँच साल राजनीति करती है, जबकि RSS समाज में सक्रिय रहता है, जिससे पार्टी को वैचारिक और संगठनात्मक मजबूती मिलती है। उन्होंने X पर लिखा था “बाकी भारतीय दल एक पैर पर खड़े हैं, केवल अपंग हैं। बीजेपी और आरएसएस एक-दूसरे के क्षेत्र में दखल नहीं करते, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।”

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