लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज तहसील में फर्जी वरासत के मामले थमने का नही ले रहे नाम,मोहनलालगंज के आदमपुर नौबस्ता गांव में स्थित रिटायर्ड प्रिसिंपल की करोड़ो कीमत की पौने तीन बीघे बेशकीमती‌ जमीन पर नजर गड़ाये जालसाजो ने छ: माह पहले राजस्वकर्मी की मिलीभगत से उन्हे सरकारी कागजो में मृत दिखाकर फर्जी वारिसो के नाम जमीन की वरासत करा दी और वरासत कराने के कुछ घंटो के अंदर ही जालसाजो ने फर्जी किसानो से जमीन का एग्रीमेंट बिल्डर के नाम करा दिया।जिसके बाद बिल्डर जमीन पर कब्जा करने पहुंचा तो रिटायर्ड प्रिसिंपल को फर्जीवाड़े की जानकारी हुयी‌। पीड़ित ने डीएम से पूरे मामले की शिकायत कर प्रपत्रो में उन्हे मृत दिखाकर फर्जी वरासत करने वाले राजस्वकर्मी व जालसाजो पर कार्यवाही की मांग की।जिसके बाद हड़कम्प मच गया।आनन फानन नायाब तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर कर छ:माह बाद फर्जी वरासत को निरस्त कर रिटायर्ड प्रिसिपंल के नाम पुन:जमीन प्रपत्रो में वापस की गयी लेकिन पूरे फर्जीवाड़े में शामिल जालसाजो समेत राजस्वकर्मी पर कोई कार्यवाही नही की गयी।

पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बजाय जिले के आला अधिकारी भी चुप्पी साध गये।ज्ञात हो मोहनलालगंज तहसील के आदमपुर नौबस्ता गांव निवासी रिटायर्ड प्रिसिंपल भिखारीलाल की गांटा स०-2544 व 2558 की पौने तीन बीघे बेशकीमती जमीन पर नजर गड़ाये जालसाजो ने राजस्वकर्मियो की मिलीभगत से फर्जी कागजातो के सहारे उन्हे सरकारी प्रपत्रो में मृत दिखाकर 5 जून 2025 को फर्जी किसान मोलहे व जगमोहन निवासी मटेरा मजरा आदमपुर नौबस्ता के नाम फर्जी वरासत कर दी थी ओर दोनो का नाम प्रपत्रो में चढ गया था,वरासत वाले ही दिन जालसाजो ने फर्जी किसानो मोलहे व जगमोहन से जमीन का एग्रीमेंट बिल्डर के ना‌म कर दिया था,जिसके बाद बिल्डर साथियो संग जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा तो रिटायर्ड प्रिसिंपल भिखारीलाल को फर्जीवाड़े की जानकारी हुयी।जिसके बाद पीड़ित प्रिसिंपल भिखारीलाल ने पूरे मामले की जिलाधिकारी समेत तत्कालीन एसडीएम से शिकायत कर फर्जीवाड़ा करने वाले जालसाजो समेत राजस्वकर्मियो पर कार्यवाही किये जाने समेत फर्जी वरासत निरस्त किये जाने की मांग की।जिसके बाद हड़कम्प मचा ओर आनन फानन नायाब तहसीलदार पीटू के न्यायालय में वाद दायर कर 28नवम्बर को पूर्व में हुयी वरासत को निरस्त करने का आदेश पारित कर पुन: रिटायर्ड प्रिसिंपल के नाम प्रपत्रो में जमीन दर्ज की गयी।लेकिन फर्जीवाड़े के पूरे मामले में जालसाजो समेत सलिप्त राजस्वकर्मियो के नाम एफआईआर दर्ज कराने की बजाय तहसील अफसरो ने पल्ला झांड लिया।

जालसाजो पर मेहरबान तहसील अफसर,जारी फर्जीवाड़े….

जालसाजो का मोहनलालगंज तहसील में कायम काकस टूटने का नाम नही ले रहा और टूटेगा भी क्यू,क्यो की अब तक फर्जीवाड़े के आधा दर्जन से अधिक मामले पकड़े जाने के बाद तहसील अफसर एफआईआर दर्ज कराने की बजाय पूरे मामले में चुप्पी साध जा रहे है जिससे जालसाज भी बैखोफ होकर कुछ एक राजस्वकर्मियो की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा करने से बाज नही आ रहे हैं।तहसील अफसरो की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्रीय लोगो ने नाराजगी जताते हुये फर्जीवाड़े के मामलो में शामिल जालसाजो समेत राजस्वकर्मियो पर एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कार्यवाही किये जाने की मांग की हैं।

प्रिसिंपल को पहले दिखाया प्रपत्रो में मृत,फिर किया जिंदा….

मोहनलालगंज तहसील में जालसाजो का काकस ही है जो एक जिंदा बुजुर्ग भिखारीलाल को बिना मौके पर जांच किये प्रपत्रो में‌ हल्का लेखपाल ने पहले मृत दिखा दिया ओर फर्जीवाड़ा खुलने के बाद अपनी ही कलम‌ से पूर्व में मृत दिखाये गये बुर्जुग को प्रपत्रो में जांच का हवाला देकर जिंदा कर दिया। मोहनलालगंज ने बताया जिंदा बुजुर्ग भिखारीलाल को प्रपत्रो में मृत दिखाकर वरासत किये जाने का मामला संज्ञान में आया था, वरासत को निरस्त करा दिया गया है।जांच कर दोषियो के विरूद्व कार्यवाही की जायेगी।

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