नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास तेजी से चल रहा है। इनमें से 160 स्टेशनों का काम पूरा भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि भारत के करीब 7,000 रेलवे स्टेशनों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सांसद गोडम नागेश के सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि स्टेशन की ग्रेडिंग यात्रियों की आवाजाही पर निर्भर करती है और सरकार ने स्टेशनों के पुनर्निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर यह योजना लागू की है।

“सिर्फ रंगरोगन नहीं, अगले 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर हो रहा विकास”

वैष्णव ने कहा कि पहले स्टेशनों पर केवल साधारण रंगाई-पुताई का काम होता था, लेकिन अब अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनका कायाकल्प किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि:

  • स्टेशन परिसर का पुनर्निर्माण

  • यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी

  • पार्किंग का विस्तार

  • यातायात प्रभावित किए बिना विकास

जैसे कार्य अब प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं।

स्टेशनों की हाइजीन और सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार

रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में स्टेशनों की सफाई और हाइजीन में उल्लेखनीय बदलाव आया है। पहले का माहौल कैसा था, यह सभी जानते हैं, लेकिन अब सफाई के नए मानक लागू किए गए हैं।

“स्टेशन विकास बेहद जटिल कार्य, लेकिन काम तेज़ी से जारी”

वैष्णव ने कहा कि स्टेशन विकास एक बहुत जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि यात्री सेवाओं और ट्रेन संचालन को बिना बाधित किए ही निर्माण कार्य करना पड़ता है। सुरक्षा को प्राथमिकता में रखते हुए सभी काम पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद पहली बार स्टेशनों के व्यापक विकास के लिए इतनी बड़ी पहल की गई है।”

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