जालौन। जालौन जिले में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय (46) की मौत के मामले में एक बड़ा और अहम खुलासा सामने आया है। शुरुआती जांच में जिन बिंदुओं पर संदेह व्यक्त किया जा रहा था, अब उन पर नए तथ्य और परिस्थितियां सामने आ रही हैं। पुलिस टीम ने घटनास्थल की दोबारा जांच के साथ कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं, जिसके बाद इस मामले का रुख बदल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ सबूत ऐसे मिले हैं जो यह संकेत देते हैं कि इंस्पेक्टर की मौत सामान्य नहीं थी और मामले में अब कई पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि इस घटना से जुड़े हर एंगल की बारीकी से जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में पहुंचने से पहले वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर दिया जाएगा।
आपको बता दे विवाद की शुरुआत 2 दिसंबर को तब हुई जब मीनाक्षी मेरठ जाकर अपना बर्थडे अकेले मना आईं। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालते ही इंस्पेक्टर नाराज़ हो गए। अगले तीन दिन दोनों के बीच 100 से ज्यादा कॉल और वीडियो कॉल पर कहासुनी हुई।
5 दिसंबर की रात मीनाक्षी जालौन पहुंचीं, जहां सरकारी आवास पर दोनों में तीखी बहस हुई। इसी दौरान इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मारने की धमकी दी, जिस पर मीनाक्षी ने कहा—”मारनी है तो गोली मार लो,कह क्यो रहे हो।” इसके बाद भावावेश में आकर इंस्पेक्टर ने अपनी कनपटी पर पिस्तौल रखकर गोली मार ली और उनकी मौत हो गई CCTV फुटेज में मीनाक्षी को घटना के तुरंत बाद बाहर निकलते देखा गया। मीनाक्षी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
