UP NEWS: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रयागराज टीम ने माफिया मुख्तार अंसारी के अवैध आर्थिक साम्राज्य पर एक और बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पीएमएलए, 2002 के तहत 2.03 करोड़ रुपये मूल्य की छह अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। जांच में पुष्टि हुई कि ये संपत्तियां मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी सहयोगी शादाब अहमद और उसकी पत्नी के नाम पर हैं।
सरकारी जमीन पर अवैध गोदाम, फिर FCI को किराए पर देकर कमाए करोड़
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि मुख्तार अंसारी के संरक्षण में चल रही मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन ने मऊ के रैनी गांव की सरकारी जमीन पर अवैध गोदाम बनाए। इसी प्रकार गाजीपुर में भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर गोदाम तैयार किए गए। इन अवैध गोदामों को बाद में भारतीय खाद्य निगम (FCI) को लीज पर दिया गया।
किराया और नाबार्ड सब्सिडी के जरिये इस नेटवर्क ने कुल 27.72 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।
लुकआउट नोटिस पर शारजाह से पकड़ा गया शादाब
मुख्य आरोपी शादाब अहमद को अक्टूबर 2025 में ईडी के जारी लुकआउट नोटिस के आधार पर शारजाह से लौटते समय लखनऊ एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था। उसके खिलाफ पहले से गैर-जमानती वारंट जारी था। इसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जांच में सामने आया कि शादाब ने करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को छिपाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दो कंपनियों के जरिए अवैध धन को ‘वैध’ बनाने का खेल
शादाब अहमद
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आगाज प्रोजेक्ट एंड इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड
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इनिजियो नेटवर्क सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
का निदेशक और वित्तीय संचालक था। वह दोनों कंपनियों के बैंक खातों का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता भी था। इन्हीं कंपनियों का उपयोग कर मुख्तार अंसारी की अवैध कमाई को वैध व्यापार का रूप देने की कोशिश की गई।
1.91 करोड़ रुपये वेतन के नाम पर, 74 लाख रुपये कर्ज के रूप में
ईडी की जांच के अनुसार, काले धन की हेराफेरी में सहयोग के बदले शादाब को—
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1.91 करोड़ रुपये वेतन के तौर पर
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74 लाख रुपये असुरक्षित ऋण के रूप में
दिए गए थे। इन्हीं पैसों से उसने वे संपत्तियां खरीदीं, जिन्हें अब ईडी ने कुर्क कर लिया है।
अब तक 8.43 करोड़ की संपत्ति कुर्क
यह कार्रवाई इस केस में चौथा कुर्की आदेश है। अब तक ईडी कुल 8.43 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि मुख्तार अंसारी के अवैध आर्थिक नेटवर्क के कई और तार अभी खुलने बाकी हैं। जांच आगे भी जारी रहेगी।
