लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को संबोधित करते हुए इतिहास को सही दृष्टिकोण से समझने और उसमें हुई गलतियों को समय रहते सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि इतिहास को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जाए तो उसका असर आने वाली पीढ़ियों की सोच और दिशा पर पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली, प्रेरणादायक और आत्मसम्मान से भरा हुआ है, लेकिन लंबे समय तक कुछ ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज किया गया या गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। ऐसे में छात्रों की जिम्मेदारी है कि वे सत्य, तथ्य और प्रमाण के आधार पर इतिहास को समझें।

छात्रों से आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ने की अपील

सीएम योगी ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की कहानी नहीं है, बल्कि वह वर्तमान और भविष्य को दिशा देने का माध्यम भी है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों और सांस्कृतिक विरासत के बारे में सही जानकारी प्राप्त करें और उस पर गर्व करें।

उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास की गलतियों को सुधारना किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सत्य को स्थापित करने की प्रक्रिया है। इससे समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलती है।

शिक्षा के साथ संस्कार पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़े रहते हैं, तब वे जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

युवाओं को देश की ताकत बताया

सीएम योगी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और सही इतिहास मिले, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

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